खंडित जनादेश आए तो हमें दें सरकार बनाने का मौका, राष्ट्रपति को पत्र सौंपेगा विपक्ष

खंडित जनादेश आए तो हमें दें सरकार बनाने का मौका, राष्ट्रपति को पत्र सौंपेगा विपक्ष

खंडित जनादेश आए तो हमें दें सरकार बनाने का मौका, राष्ट्रपति को पत्र सौंपेगा विपक्ष

एग्जिट पोल में बीजेपी की अगुआई वाले एनडीए को प्रचंड बहुमत मिलने का अनुमान जताया गया है. लेकिन क्षेत्रीय विपक्षी पार्टियों का मानना है कि नतीजों में किसी को भी स्पष्ट बहुमत नहीं मिलेगा और त्रिशंकु लोकसभा की स्थिति बनेगी. उन्होंने राष्ट्रपति को पत्र सौंपने का फैसला किया है.

बस कुछ घंटों का इंतजार और आपके सामने होंगे लोकसभा 2019 चुनाव के नतीजे. लोकसभा चुनाव के सातों चरण के मतदान खत्म हो चुके हैं. एग्जिट पोल में बीजेपी की अगुआई वाले एनडीए को प्रचंड बहुमत मिलने का अनुमान जताया गया है. लेकिन क्षेत्रीय विपक्षी पार्टियों का मानना है कि नतीजों में किसी को भी स्पष्ट बहुमत नहीं मिलेगा और त्रिशंकु लोकसभा की स्थिति बनेगी.

उन्होंने राष्ट्रपति को पत्र सौंपने का फैसला किया है. राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को सौंपे जाने वाले इस पत्र पर आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू, बहुजन समाजपार्टी के नेता सतीश मिश्रा, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव, कांग्रेस नेता प्रफ्फुल पटेल और डीएमके सुप्रीमो स्टालिन के दस्तखत हैं. कांग्रेस इसमें शामिल नहीं है.

क्या लिखा है इस पत्र में

विपक्षी पार्टियों ने पत्र में कहा, नतीजों के ऐलान के बाद जब 17वीं लोकसभा के गठन का नोटिफिकेशन जारी किया जाएगा तो हमें भी सरकार बनाने के लिए 272 सदस्यों की सूची सौंपने का मौका दिया जाए. लिहाजा हमारे अनुरोध पर विचार किया जाए. इस पत्र के साथ कानूनी विशेषज्ञों का मत भी लगाया है, जिन्होंने बताया कि खंडित जनादेश की स्थिति में किसे सरकार बनाने का न्योता मिलना चाहिए. लोकसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद यह राष्ट्रपति के विवेक पर निर्भर करता है कि वह सबसे बड़ी पार्टी को सरकार बनाने का न्योता देते हैं या साथ मिलकर चुनाव लड़ रहीं पार्टियों के गठबंधन को.

543 सदस्यों वाली लोकसभा में सरकार बनाने के लिए 272 के जादुई आंकड़े की जरूरत पड़ती है. विपक्षी पार्टियों ने यह कदम इसलिए उठाया ताकि कर्नाटक जैसी स्थिति न बने. कर्नाटक में भी खंडित जनादेश आया था और राज्यपाल ने सबसे बड़ी पार्टी बीजेपी को सरकार बनाने का न्योता दिया था. इसके बाद बीएस येदियुरप्पा ने शपथ ले ली थी. लेकिन जब विधानसभा में फ्लोर टेस्ट हुआ तो बहुमत साबित नहीं हो पाया और सरकार गिर गई. इसके बाद कांग्रेस और जेडीएस ने सरकार बनाई जो अब तक चल रही है.  

एग्जिट पोल क्या कहते हैं

देश के सबसे तेज और भरोसेमंद न्यूज चैनल आजतक ने एक्सिस माय इंडिया के साथ मिलकर 543 लोकसभा सीटों पर सर्वे किया था, जिसमें 7 लाख 40 हजार लोगों से बात की गई. सर्वे के मुताबिक देश में फिर एक बाद मोदी सरकार सत्ता पर विराजमान हो रही है. एनडीए गठबंधन को 339-365 सीट, यूपीए को 77-108 सीटें मिलने का अनुमान जताया गया है. यूपी में सपा-बसपा गठबंधन 10-16 सीटें जीत सकता है. जबकि अन्य को 59-79 सीटें मिलने का अनुमान है.

Source By :- Aajtak India Today